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फरीदाबाद तीन पत्रकारों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज विरोध में पत्रकारों ने दिया धरना ,हरियाणा पत्रकार संघ के अध्यक्ष के बी पंडित भी रहे मौजूद !

फरीदाबाद में तीन पत्रकारों के खिलाफ दर्ज किए गए झूठे मुकदमे और उसके बाद पत्रकार उत्पीडऩ से गुस्साये सभी पत्रकारों ने एकजुट होकर बीके चौक पर धरना देकर राज्यपाल के नाम जिला उपायुक्त को ज्ञापन सोंपा। पत्रकारों ने धरना प्रदर्शन के दौरान झूठे मुकदमे दर्ज करवाने वाले नेताओं का बहिष्कार किया और वहीं उन तीन पत्रकारों को भी पत्रकार समाज के सामने सही ठहराया। इस प्रदर्शन के दौरान हरियाणा पत्रकार संघ के अध्यक्ष केवी पंडित सहित अन्य जिलों के कई वरिष्ठ पत्रकार मौजूद रहे।

पिछले दिनों एक नेता और नेत्री के संबंधों की वायरल सूचना पर खबर लिखने को लेकर फरीदाबाद के तीन पत्रकारों पर राजनीति दबाब के चलते झूठा मुकदमा दर्ज करवाया गया था जिसके बाद उन्हें पुलिस रिमांड पर लेकर जेल भी भेज दिया गया था जिसपर उन्हें जमानत मिली,, यह सब तब हुआ जब खद सीएम खट्टर ने फरीदाबाद में रोड शो के दौरान पत्रकारों को आश्वासन दिया था कि किसी भी पत्रकार की गिरफ्तारी नहीं होगी।

इस पूरे प्रकरण से गुस्साये पत्रकारों ने बीके चौक पर एकजुट होकर धरना प्रदर्शन किया और उसके बाद राज्यपाल के नाम जिला उपायुक्त को ज्ञापन सोंपा। इस प्रदर्शन के दौरान फरीदाबाद के ही नहीं पलवल, गुरूग्राम सहित प्रदेश के तमाम जिलों के पत्रकार मौजूद रहे।

हरियाणा पत्रकार संघ के अध्यक्ष केवी पंडित ने बताया कि पत्रकारों को गिरफ्तार करना और उनके साथ पेशेवर मुजरिम जैसा वर्ताव करना निंदनीय कार्य था जिसकी वह भत्र्सना करते हैं, इस पूरे मामले को लेकर एक बार वह सीएम से मुलाकात करेंगे। वहीं वरिष्ठ पत्रकारों की मानना है कि वह दशकों से पत्रकारिता कर रहे हैं इस दौरान मुकदमे तो कई दर्ज हुए मगर कभी गिरफ्तारी नहीं हुई ये पहला मामला है जिसमें गिरफ्तारी हुई है।

वरिष्ठ पत्रकार सुभाष शर्मा का कहना था कि यदि किसी को पत्रकार की लिखी खबर पर ऐतराज हो तो वह कोर्ट में जाकर मानहानि का दावा कर सकता है लेकिन क्रिमिनल मुकदमे दर्ज करवाना ओर करना कही भी उचित नही है जिसे बर्दाश्त नही किया जाएगा ।

वर्किंग जर्नलिस्ट आफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार अनूप चौधरी ने बताया की उन्होंने अपनी जीवन में पहली बार इस तरह का मामला देखा है की पुलिस ने पत्रकारों की सुनवाई किये बिना और बिना जांच के पत्रकारों को जेल के अंदर कर दिया।

उन्होंने बताया की उनके ऊपर भी खबर लिखे जाने के बाद कई मुक़दमे दर्ज हुए थे लेकिन उन्हें कभी भी गिरफ्तार नहीं किया गया. लेकिन यह पहला मौक़ा है की पत्रकारों को षड्यंत्र के तहत फसाया गया. लेकिन अब पत्रकार एकजुट हो चुके है और उन्होंने बताया की उन्हें इस बात का यकीन है की पत्रकारों की एकजुटता देखकर पत्रकारों पर मामला दर्ज करवाने वाले शर्मिन्दा होंगे और उनके द्वारा दर्ज करवाए मामलो को वापिस लेंगे।

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One comment

  1. फरीदाबाद के पत्रकारों की नीयत पर शक होता है. आज 3 पत्रकारों की गिरफ्तारी की निंदा कर रहे हैं जबकि पत्रकारों की गिरफ्तारी के 3 दिन बाद यही पत्रकार “पत्रकारिता में नैतिकता” विषय पर संगोष्ठी कर रहे थे. उस दिन एक भी पत्रकार ने एक बार भी गिरफ्तारी की निंदा नहीं की. क्यों इनकी ज़ुबान को लकवा मार गया था.

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