Home / समाचार / करनाल / संजय भाटिया बने प्रदेश के सबसे बड़े विजेता ,6 लाख 56 हजार वोटों से जीत दर्ज कर बनाया रिकॉर्ड ,देखें पूरी खबर

संजय भाटिया बने प्रदेश के सबसे बड़े विजेता ,6 लाख 56 हजार वोटों से जीत दर्ज कर बनाया रिकॉर्ड ,देखें पूरी खबर

(रिपोर्ट – कमल मिड्ढा ): करनाल मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के विश्वासपात्र एवं करनाल लोकसभा के भाजपा प्रत्याशी संजय भाटिया ने 6 लाख 56 हजार 142 वोट से जीत दर्ज कर रिकॉर्ड कायम कर दिया ! पिछले चुनाव में पार्टी प्रत्याशी अश्विनी चोपड़ा की तीन लाख 60 हजार मतों से हुई जीत को बहुत पीछे छोड़ दिया ! मोदी लहर पर सवार भाटिया को सभी विधानसभा क्षेत्रों में जोरदार जीत मिली , वही करनाल से चुनाव लड़ रहे 16 में से 14 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई !

करनाल संसदीय क्षेत्र के मतों की गिनती कल सुबह आठ बजे शुरू हो गई थी ! 12 लाख 98 हजार 026 वोट में से संजय भाटिया को 9 लाख 11 हजार 594 मत मिले हैं, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी कुलदीप शर्मा को 2 लाख 55 हजार 452 मत प्राप्त हुए ! तीसरे नंबर पर रहे लोसुपा और बसपा गठबंधन के प्रत्याशी पंकज 67 हजार 183 मत प्राप्त करके भी जमानत नहीं बचा सके !

जजपा-आप गठबंधन के प्रत्याशी कृष्ण कुमार अग्रवाल और इनेलो प्रत्याशी धर्मवीर पाढा सहित अन्य सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई ! इनमें आजाद प्रत्याशी प्रमोद शर्मा, सामाजिक न्याय पार्टी के प्रत्याशी विक्की चनालिया, आपकी अपनी पार्टी (पीपल्स) के प्रत्याशी अंकुर, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी नरेश कुमार, पीपल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के प्रत्याशी किताब सिंह, शिवसेना के प्रत्याशी दिनेश शर्मा, जय जवान-जय किसान पार्टी के प्रत्याशी अनिल कुमार, आजाद प्रत्याशी जगदीश, राष्ट्रीय लोकस्वराज पार्टी के प्रत्याशी ईश्वर शर्मा, राष्ट्रीय गरीब दल के प्रत्याशी तिलक राज, आदर्श जनता सेवा पार्टी के प्रत्याशी ईश्वर चंद सालवन शामिल हैं !

1. मोदी लहर

संजय भाटिया की जीत की सबसे बड़ी वजह मोदी लहर रही, चुनाव की शुरुआत में मोदी लहर महसूस नहीं हो रही थी, लेकिन देहात और शहर दोनों ही जगह मोदी लहर जोरदार ढंग से चली ! मोदी के नाम पर लोगों ने भाजपा प्रत्याशी संजय भाटिया को जमकर वोट दिया !

2. मजबूत संगठन

जीत की दूसरी वजह मजबूत संगठनात्मक ढांचा रहा, चुनाव से पहले ही पूरा संगठन पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया था ! बूथ लेवल पर जोरदार तैयारी की गई, पन्ना प्रमुखों ने अपने अपने क्षेत्र में मतदाताओं से लगातार संपर्क साधकर रखा ! पार्टी के विधायक और पदाधिकारियों ने चुनाव में पसीना बहाने में कोई कसर नहीं छोड़ी !

3. विकास व पारदर्शिता पर मुहर

चुनाव में जनता के बीच यह बात घर गई कि भाजपा सरकार ने केंद्र व प्रदेश में समान विकास कराया है , इसके साथ ही भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई है ! मेरिट के आधार पर पूरी पारदर्शिता के साथ नौकरियां दी गई ! सरकार की विकासपरक योजनाओं पर भी जनता ने अपनी मुहर लगा दी !

48 साल बाद पानीपत जिले से करनाल संसदीय क्षेत्र का सांसद बना है , इससे पहले माधोराम शर्मा बने थे !

माधो राम शर्मा के बाद भाटिया बने पानीपत से सांसद

पानीपत जिले में 48 साल बाद सांसद का पद गया है ! 1971 में कांग्रेस के माधो राम शर्मा चुनाव जीते थे ! इसके बाद से इस जिले से किसी भी नेता को सांसद बनने का अवसर नहीं मिला ! अब संजय भाटिया अपने शहर में सांसद का पद लेकर आए हैं ! उनकी जीत ने सीएम मनोहर लाल के फैसले को भी पूरी तरह से सही साबित कर दिया ! हालांकि शुरूआत में संजय भाटिया को टिकट दिए जाने को लेकर अंदरखाते विरोध सामने आया था, लेकिन संगठनात्मक स्तर पर इस विरोध को बेहद तेजी से समाप्त कर दिया गया !

करनाल लोकसभा के लिए 17 बार सांसद अब से पहले चुने जा चुके हैं, जिसमें से दो बार ही पानीपत शहर से किसी नेता को सांसद बनने का अवसर मिला !

कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में 1967 और फिर 1971 में माधो राम शर्मा सांसद चुनाव जीते ! शर्मा वह पानीपत के रहने वाले थे और उद्योगपति अविनाश पालीवाल के ताऊ थे ! इसके बाद 1991 भाजपा से फतेहचंद विज को करनाल लोकसभा का प्रत्याशी बनाया गया था, लेकिन विज 81780 वोट लेकर चौथे स्थान पर रहे थे !

इस चुनाव से पहले पार्टी और सीएम मनोहर लाल ने संजय भाटिया पर भरोसा जताते हुए उन्हें टिकट थमाया ! हालांकि करनाल से कई नेता टिकट की रेस में शामिल थे ! इनमें प्रदेश महामंत्री एडवोकेट वेदपाल ,भाजपा नेता चंद्र प्रकाश कथूरिया ,भारत भूषण कपूर भी थे ! अलबत्ता भाटिया को तवज्जो दी गई , भाटिया ने भी सीएम का भरोसा कायम रखा और टिकट नहीं मिलने से नाराज हुए नेताओं को मनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी ! भाटिया की पहल की वजह से नेताओं की नाराजगी भी दूर हो गई !

पहले ही कह दिया था कि जनता के पास ही रहूंगा

संजय भाटिया ने टिकट मिलने के बाद ही यह कहा था कि वह जनता के बीच में ही रहकर काम करेंगे ! यदि वह करनाल में नहीं होंगे तो उस समय उनकी पत्नी यहां रहकर लोगों की सेवा करेंगी ! वह करनाल व पानीपत की जनता के बीच में नियमित रहेंगे, जब वह करनाल होंगे तो उस समय पानीपत में उनकी पत्नी जनता की सेवा में रहेगी !

शेयर करें
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

About admin

Check Also

करनाल स्मार्ट सिटी का सच, फाइलों में ही प्रोजेक्ट दफन , देखें पूरी खबर

( रिपोर्ट – कमल मिड्ढा ): करनाल बलड़ी बाईपास पर बने नए बस स्टैंड को …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *